ई-पीपीओ’ का ‘डिजी-लॉकर’ के साथ एकीकरण (Electronic PPO in Digi Locker)

 

चर्चा में क्यों?

हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा ‘इलेक्ट्रॉनिक पेंशन भुगतान आदेश’ (Electronic Pension Payment Order) या ‘ई-पीपीओ’ ( e-PPO) को ‘डिजी-लॉकर’ (Digi- Locker) के साथ एकीकृत करने का निर्णय लिया गया है।

प्रमुख बिंदु:

  • पेंशन और पेंशनर्स कल्याण विभाग के अनुसार, पेंशन भुगतान आदेश की मूल प्रति के खो जाने के बाद पेंशनधारकों को कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
  • इस समस्या को देखते हुए पेंशन और पेंशनर्स कल्याण विभाग द्वारा ‘ई-पीपीओ’ ( e-PPO) को ‘डिजी-लॉकर’ (Digi- Locker) के साथ एकीकृत करने का निर्णय लिया गया है।
    • गौरतलब है कि इलेक्ट्रॉनिक पेंशन भुगतान आदेश को ‘सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली’ (Public Finance Management System- PFMS) द्वारा जारी किया जाता है।
  • इस सुविधा को वित्तीय वर्ष 2021-22 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया था, परंतु COVID-19 महामारी के कारण उत्पन्न हुई चुनौतियों को देखते हुए इसे पहले ही पूरा कर लिया गया।

ई-पीपीओ प्राप्त करने की प्रक्रिया:

  • इस सुविधा को ‘भविष्य’ (Bhavishya) नामक सॉफ्टवेयर के माध्यम से तैयार किया गया है।
  • यह सॉफ्टवेयर सेवानिवृत्त व्यक्तियों को अपने डिजी-लॉकर खाते को अपने ‘भविष्य’ खाते जोड़ने का विकल्प उपलब्ध कराएगा। जिसके माध्यम से वे निर्बाधित तरीके से अपना ई-पीपीओ प्राप्त कर सकेंगे।
  • यह विकल्प सेवानिवृत्त होने वाले व्यक्तियों को सेवानिवृत्त संबंधी फार्म भरने के समय एवं फार्म जमा करने के बाद भी उपलब्ध होगा।

भविष्य’ (Bhavishya):

  • यह केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय’ द्वारा लागू एक ऑनलाइन पेंशन स्वीकृति और भुगतान ट्रैकिंग प्रणाली है।
  • यह प्रणाली व्यक्तिगत और प्रशासनिक अधिकारियों के स्तर पर पेंशन तथा अन्य सेवानिवृत्ति लाभों की ट्रैकिंग की सुविधा प्रदान करती है।
  • इस प्रणाली के माध्यम से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को एसएमएस (SMS)/ई-मेल (E-Mail) के माध्यम से पेंशन अनुमोदन प्रक्रिया की प्रगति के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।

लाभ:

  • इस प्रणाली के माध्यम से कोई भी पेंशनभोगी डिजी-लॉकर खाते से तत्काल अपने पीपीओ की नवीनतम प्रति का प्रिंट-आउट प्राप्त कर सकेंगे।
  • इसके माध्यम से पेंशनभोगी के डिजी-लॉकर में उसके पीपीओ का स्थायी रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सकेगा।
  • इसके माध्यम से नए पेंशनधारकों तक पीपीओ पहुँचने में होने वाले विलंब को दूर करने के साथ पेंशनधारकों द्वारा पीपीओ की भौतिक प्रति सुपुर्द करने की आवश्यकता को भी समाप्त किया जा सकेगा।

सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली’ (Public Finance Management System- PFMS):

  • PFMS एक वेब-आधारित ऑनलाइन सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन है, जिसे वित्त मंत्रालय के लेखा महानियंत्रक (CGA) के कार्यालय द्वारा विकसित और कार्यान्वित किया जाता है।
  • इसकी शुरुआत वर्ष 2009 में योजना आयोग की केंद्रीय क्षेत्र योजना के रूप में की गई थी।
  • इसका उद्देश्य एक कुशल निधि प्रवाह के साथ ही भुगतान सह अकाउंटिंग नेटवर्क (Payment cum Accounting Network) की स्थापना के माध्यम से भारत सरकार (Government Of India-GOI) के लिये एक मज़बूत सार्वजनिक
  • वित्तीय प्रबंधन प्रणाली की सुविधा प्रदान करना है।

डिजी-लॉकर:

  • यह ‘केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय’ (MeitY) द्वारा डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत शुरू की गई एक प्रमुख पहल है।

उद्देश्य:

  • दस्तावेज़ों को ई-हस्ताक्षर सक्षम बनाकर उन्हें इलेक्ट्रॉनिक एवं ऑनलाइन उपलब्ध कराना।
  • ई-दस्तावेज़ों की प्रामाणिकता सुनिश्चित करके नकली दस्तावेज़ों के उपयोग को खत्म करना।।
  • सरकारी विभागों और एजेंसियों के प्रशासकीय उपरिव्यय को कम करना एवं नागरिकों के लिये सेवा प्राप्त करना आसान बनाना, आदि।